पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकास भवन सभागार में आयोजित खंड विकास अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास, मनरेगा, एनआरएलएम, उद्यान, पशुपालन एवं आंगनबाड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने तथा स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को मजबूत करने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अनुपयोगी भवनों का उपयोग कोल्ड स्टोरेज, संग्रहण केंद्र, ग्रोथ सेंटर, प्रशिक्षण एवं विपणन केंद्र के रूप में करने के निर्देश दिए। साथ ही निष्क्रिय ग्रोथ सेंटरों को पुनः संचालित कर स्थानीय उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ने पर जोर दिया। एनआरएलएम की समीक्षा में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देने तथा डेयरी, मशरूम, सब्जी उत्पादन, फल संरक्षण, मसाला निर्माण, सुगंधित पौधों एवं पुष्प उत्पादन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। डेयरी क्लस्टर विकसित करने और चारा विकास कार्यक्रम संचालित करने पर भी बल दिया गया। बीडीओ पौड़ी एवं खिर्सू को स्थानीय सब्जी उत्पादन बढ़ाने तथा बीरोंखाल में 15 दिनों के भीतर स्वयं सहायता समूह गठन, मैपिंग एवं पोर्टल अपडेट करने के निर्देश दिए गए। लखपति दीदी योजना की समीक्षा में अधिकाधिक महिलाओं को जोड़ने तथा उनकी वास्तविक आय का आकलन करने को कहा गया।
उद्यान विभाग को कीवी एवं अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों, पॉलीहाउस खेती तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। वहीं हिलांस आउटलेट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की घर-घर आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने तथा चारधाम यात्रा में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। मनरेगा कार्यों की समीक्षा में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के छोटे लेकिन आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता से शामिल करने तथा सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रतिमाह कम से कम 20 ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी भवनों के लंबित मामलों में भूमि चयन शीघ्र पूरा करने तथा फल एवं सब्जी उत्पादन की संभावनाओं वाले पांच विकासखंडों में कोल्ड स्टोरेज स्थापना की कार्यवाही आगे बढ़ाने को कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार, बेहतर समन्वय एवं नियमित निगरानी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।




