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Friday, October 9, 2026


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बागेश्वर में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ, 240 बाल वैज्ञानिक ले रहे हिस्सा

मुख्यमंत्री धामी ने विज्ञान महोत्सव के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की, सभी जिलों में स्थापित होंगे विज्ञान एवं नवाचार केंद्र

बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव में प्रदेश के छह सीमांत पर्वतीय जनपदों चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव और संबंधित कार्यक्रमों हेतु एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने, सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने तथा प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र विकसित करने की भी घोषणा की।

विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे विद्यार्थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक से जोड़कर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना आवश्यक है। STEM लैब्स को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और लैब ऑन व्हील्स की सुविधा विकसित करने से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं।

बाल वैज्ञानिकों से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

साइंस सिटी और साइंस सेंटर किए जा रहे विकसित

मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित

महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी और ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

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