वेनेजुएला। वेनेजुएला में एक के बाद एक आए दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही हुई। राजधानी काराकास में कई इमारतें ढह गईं, एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने आपातकाल की घोषणा की है। राहत और बचाव कार्य जारी है। समाचार एजेंसी के मुताबिक हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका है। वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने कहा कि भूकंप के झटके कई राज्यों में महसूस किए गए। काराकास के अल्तामीरा इलाके में घरों और इमारतों के ढहने जैसी ‘चिंताजनक स्थितियां’ सामने आई हैं। काबेलो ने लोगों से अपील की कि वे फिलहाल खुले स्थानों पर ही रहें, क्योंकि भूकंप के बाद झटकों (आफ्टरशॉक) आने की आशंका है और इससे पहले से क्षतिग्रस्त ढांचों को और नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि भूकंप में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। काबेलो ने वाहन चालकों से कहा कि वे एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने के लिए सड़कें खाली रखें। सरकारी टेलीविजन पर काबेलो ने कहा, हम समझते हैं कि कुछ लोग घबराए हुए हो सकते हैं। लेकिन हम तय प्रोटोकॉल के तहत राहत और बचाव अभियान सक्रिय कर रहे हैं, ताकि सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। एक-दूसरे से संपर्क करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई घायल या प्रभावित न हुआ हो। वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था। इसका केंद्र देश के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पश्चिम में और कराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर था। भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर दर्ज की गई। पहले झटके के कुछ ही मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया। इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। इसका केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
भूकंप के बाद अमेरिकी प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन द्वीप समूह के लिए सुनामी अलर्ट जारी किया। वेनेजुएला की राजधानी काराकास में भूकंप के तेज झटकों से इमारतें हिलने लगीं, जिसके बाद लोग तुरंत बाहर निकल आए। कई लोग सड़कों पर खड़े होकर क्षतिग्रस्त इमारतों को देखते रहे। कुछ जगहों पर पूरी दीवारें गिर गईं, जिससे सड़क से ही घरों और दफ्तरों के भीतर रखा फर्नीचर दिखाई देने लगा। राजधानी के दो इलाकों में धूल के बड़े गुबार भी उठते देखे गए। ये ऐसे इलाके हैं, जहां आमतौर पर रेस्तरां और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों में काफी चहल-पहल रहती है।




