संदीप गोयल\एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। नगर निगम के सभागार में आज राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना द्वारा सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की मकवाना ने नगर निगम अधिकारियों को नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 6 महीने से सरकार ने विनियमितीकरण नियमावली 2025 बनाई ताकि वर्ष 2018 तक 10 वर्ष पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन संविदा तदर्थ कार्य प्रभारित एवं अंशकालिक कर्मचारियों को नियमित कारण करने के कार्मिक सचिव द्वारा 5 दिसंबर 2025 सचिव शहरी विकास द्वारा 10 दिसंबर 2025 को तथा निदेशक शहरी विकास द्वारा 22 दिसंबर 2025 को नियति कारण करने के आदेश दिए थे, किंतु 6 महीने तक इसका कोई पालन नहीं हो पाया। जिससे सफाई कर्मियों का शोषण हो रहा है, उनको उनके अधिकार नहीं दिए जा रहे। मकवाना ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए फटकार लगाई तथा एक सप्ताह में कमेटी का गठन कर एक माह में नियमितीकारण करने के निर्देश दिए। 29 अप्रैल 2026 को नगर निगम बोर्ड द्वारा सफाई कर्मचारियों का मानदेय रुपए 500 से बढ़ाकर रुपए 800 किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया किंतु उनका वेतन बढ़ाने के बजाय पारित प्रस्ताव को शासन में भेज कर अधिकारियों ने लटकाने का कार्य किया है जो न्याय उचित नहीं है 715 सफाई कर्मचारी रखे जाने के प्रस्ताव को भी एक बार फिर शासन को भेज कर नगर निगम ने मामले को लटकाने का प्रयास किया है। मकवाना ने कहा कि ऑफिस के लोगों को भूमि दी जा सकती है जिनकी संख्या 75 रही किंतु सफाई कर्मचारियों को भूमि देने में सौतेला व्यवहार किया गया है जो उचित नहीं है कर्मचारियों को भूमि देने पर नगर निगम को विचार करना चाहिए मकवाना में 100 वार्ड में 100 सुपरवाइजर नियुक्त करने ताकि स्वच्छता अभियान को गति मिल सके तथा महिलाओं को भी सुपरवाइजर के अवसर दिए जाने चाहिए। नगर निगम देहरादून में वर्षों से कार्यवाहक सुपरवाइजर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं किंतु उनका पदोन्नति के अवसर नहीं दिए गए उनका स्थाई सुपरवाइजर अभी तक नहीं बनाएगा इस पर तबीयत कार्रवाई के निर्देश दिए। मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कनक चौक को रामायण के रचयिता भगवान वाल्मीकि के नाम से चौक बनाए जाने की स्वीकृति दी हैं, उसको शीघ्र निर्माण कराया जाए तथा भगवान वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा स्थापित कराई जाए। नगर निगम में वर्षों से स्थापित भगवान वाल्मीकि मंदिर को शीघ्र भव्य और दिव्य रूप दिया जाए, गांधी आई हॉस्पिटल में सफाई कर्मियों को ठेकेदार द्वारा कम वेतन दिए जाने के लिए बैठक में उपस्थित डिप्टी सीएमओ को निर्देशित किया तथा कोऑर्डिनेशन के सफाई कर्मियों को भी पूरा वेतन ठेकेदार से दिलाया जाए इसके अलावा 2015 से पहले डॉन चिकित्सालय में उपनल के माध्यम से नियुक्त सफाई कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराई जाए। आयोग की पहल पर पांच वाल्मीकि बस्तियों में समाज कल्याण विभाग द्वारा बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे, जिसमें ऋण फॉर्म भी भरवा जाए तथा उनको सभी योजनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि वह स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। अन्य विभागों के अधिकारियों को भी सफाई कर्मियों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में यूनियन के अध्यक्ष सोनू खैरवाल द्वारा कई वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मियों को पार्षद द्वारा निकाल कर नए पार्षद रखने का मुद्दा उठाया तथा वेतन बढ़ोतरी की भी मांग की गई उपाध्यक्ष राज्य सफाई कर्मचारी आयोग भगवत प्रसाद मकवाना ने अधिकारियों को इसका संज्ञान लेकर किसी भी कर्मचारी को बिना जांच करायें किसी भी पार्षद के दवाब में हटाया ना जाए।
बैठक में उपनगर आयोग और मुख्य वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी तथा समाज के लोगों द्वारा उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना का पगड़ी में पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
समीक्षा बैठक में नगर निगम के उपनगर आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारी सहायक समाज कल्याण अधिकारी जल संस्थान तथा कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में समाज की ओर से जयपाल वाल्मीकि सदस्य एससी एसटी सब प्लान एवं सर्वेक्षण कमेटी समाज कल्याण विभाग, राजेश राजोरिया सदस्य प्रदेश मॉनिटरिंग कमेटी उत्तराखंड सरकार, यूनियन के अध्यक्ष सोनू खैरवाल, राजीव राजौरी प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय बाल्मिक क्रांतिकारी युवा मोर्चा, अनिल खजवाल प्रदेश महामंत्री वाल्मीकि मोर्चा, नीरज नागलिया प्रदेश महामंत्री, दौलत मकवाना प्रदेश महामंत्री, श्रीमती कृष्णा चौहान फॉरेस्ट उपाध्यक्ष, श्रीमती अनीता वाल्मीकि मंडल अध्यक्ष भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, विक्रम सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष वाल्मीकि युवा मोर्चा, विनोद गोदियाल प्रधान पूर्ण बस्ती, सुखवीर मंडल मंत्री भाजपा, बबलू जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ, अमन कुमार, अरविंद वाल्मीकि तथा अन्य समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।




