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Sunday, June 14, 2026


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देश को मिले 481 नए सैन्य अफसर

देहरादून।  राजधानी देहरादून स्थित आईएमए में 158वीं पासिंग आउट परेड संपन्न हो गई हैं। आईएमए से कुल 515 जेंटलमैन कैडेट पास आउट होकर सैन्य अफसर बने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की समीक्षा की और बेस्ट जेंटलमैन कैडेट को सम्मानित किया। भारतीय सेनाओं को 481 नए सैन्य अफसर मिले। इनमें आईएमए से पहली बार पास आउट होने वाली 9 महिला कैडेट भी शामिल हैं। भारत के 16 मित्र देशों के 34 जेंटलमैन कैटेड भी पास आउट हुए। इस बार आईएमए की पासिंग आउट परेड की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू थीं। आईएमए देहरादून आयोजित पासिंग आउट परेड में पहली बार नौ महिला सैन्य अफसर पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। अकादमी के इतिहास में यह पहला अवसर है जब महिला कैडेट्स को आईएमए से कमीशन मिला है। कैडेट्स की कदमताल, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के संकल्प के बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने सलामी ली।

आज सुबह पौने 7 बजे पासिंग आउट परेड की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले कंपनी सार्टेंज मेजर चैटवुड बिल्डिंग के परिसर में पहुंचे। इसके साथ ही सभी कैडेट्स भी चैटवुड ग्राउंड में पहुंचे और अपनी पोजिशन ली। इसके बाद भारतीय सैन्य अकादमी का निशान झंडा परेड स्थल पर लाया गया। अकादमी निशान को खड़े होकर सम्मान दिया गया। फिर परेड में वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान किया गया। पासिंग आउट परेड स्थल पर सैन्य अतिथि अधिकारियों में पहले अतिथि के रूप में मेजर जनरल सचिन मलिक का स्वागत हुआ। दूसरे सैन्य अधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह का स्वागत हुआ। तीसरे सैन्य अधिकारी के रूप लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा का परेड ने स्वागत किया। सवा सात बजे उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आईएमए पासिंग आउट परेड में शामिल होने के लिए परेड स्थल पहुंचे। इसके बाद करीब 7 बजकर 30 मिनट पर आईएमए पीओपी की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड स्थल पर पहुंचीं। राष्ट्रपति ने विशेष घोड़ा बग्गी पटियाला कोच से परेड की समीक्षा की। राष्ट्रपति द्वारा परेड का निरीक्षण करने के बाद परेड की कदम ताल शुरू हो गई। परेड का निरीक्षण करने के बाद राष्ट्रपति ने कोर्स के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट को सम्मानित किया। अकादमी के विशाल कुमार को दो बड़े पुरस्कार मिले। उन्हें स्वॉर्ड ऑफर ऑनर और गोल्ड मेडल मिले।

राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रपति का संबोधन पूरा होने के बाद सभी ऑफिसर कैडेट्स ने भारतीय सैन्य अकादमी से विदा ली। अंतिम पग भरने के साथ सभी कैडेट्स भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी बन गए. इस दौरान हेलीकॉप्टर से सभी ऑफिसर कैडेट्स पर फूल बरसाए गए। अंतिम पग के बाद आईएमए एकेडमी में पीपिंग सेरेमनी की शुरू हुई।

 

 

 

 

 

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