नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हनोई में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा, साइबर सुरक्षा और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान सहित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यास और आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों की रक्षा बलों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। रक्षा मंत्री ने वियतनाम के साथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के ढांचे के तहत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि पहलों का समर्थन करने के भारत के संकल्प को दोहराया। जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और बढ़ते रणनीतिक सहयोग पर जोर दिया। दोनों रक्षा मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के वायु सेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यह प्रयोगशाला भारतीय सहायता से स्थापित की गई है। रक्षा मंत्री ने न्हा ट्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला की स्थापना की भी घोषणा की। भारत के सैन्य दूरसंचार इंजीनियरिंग महाविद्यालय और वियतनाम के दूरसंचार विश्वविद्यालय ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक सहयोग में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है।




