देहरादून: बीती पांच मई को चंपावत जिले में घटित तथाकथित अपहरण व सामूहिक दुराचार मामले में पुलिस ने जो नया खुलासा साजिश का किया है उसके अनुसार इस पूरे प्रकरण में संलिप्त सभी पात्र भारतीय जनता पार्टी से संबंधित हैं व यह भाजपा के भीतर हर स्तर पर चल रही सत्ता की लड़ाई का ही हिस्सा है , यह बात आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पुलिस की दोनों कहानियों के अनुसार चाहे पहले का पुलिस बयान जिसमें नाबालिग लड़की का अपहरण उसके हाथ पांव बांध कर चाकू की नोक पर दुराचार और फिर घटना की सूचना पर लड़की का रेस्क्यू फिर एफआईआर और आरोपितों भाजपा मंडल उपाध्यक्ष का दो अन्यों के खिलाफ पुलिस का गिरफ्तारी का प्रयास या सात मई को पुलिस कप्तान सीएमओ की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में अपहरण बलात्कार से इनकार व घटना को भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत द्वारा मंडलीय उपाध्यक्ष पूर्ण सिंह रावत को फंसाने की साजिश करार देना पूरे प्रकरण को संदिग्ध बना रहा है। श्री धस्माना ने कहा कि अगर यह बात मान भी ली जाए कि कमल रावत ने पूर्ण सिंह रावत को फंसाने के लिए यह झूठा प्रपंच रचा तो भी इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कांग्रेस का हाथ कैसे दिखाई दिया यह अचंभे की बात है क्योंकि इस पूरे कांड में आरोपी पूर्ण सिंह रावत भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष व उसके साथ नामजद दोनों युवा भाजपाई, साजिश करता कमल रावत भाजपा मंडल उपाध्यक्ष तो इसमें कांग्रेस का हाथ कहां प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को दिखाई पड़ गया यह समझ से परे है और उनका इस प्रकरण पर कांग्रेस से माफी मांगने का बयान तो अपने आप में हास्यास्पद है। श्री धस्माना ने कहा कि वास्तव में राज्य की मातृ शक्ति से माफी तो भाजपा को मांगनी चाहिए कि अंकिता भंडारी हत्या कांड से लेकर सल्ट, चंपावत वन, चंपावत टू, काशीपुर, संत्रेषा में बच्चियों व महिलाओं के खिलाफ हिंसा बलात्कार व हत्या में शामिल सभी अपराधी भाजपाई हैं।




