चमोली। सचिव संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड दीपक कुमार ने श्री 1008 स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती संस्कृत महाविद्यालय, मण्डल का निरीक्षण किया। इस दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उनका भव्य स्वागत किया। महाविद्यालय की आचार्या श्रीमती मंगला पुरोहित ने उन्हें देवभूमि गजेटियर पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने छात्र-छात्राओं के साथ विषयगत पाठ्यचर्चा की तथा उन्हें नियमित अध्ययन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को संस्कृत संस्थान उत्तराखंड द्वारा संचालित गार्गी छात्रवृत्ति एवं अम्बेडकर छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए इनका अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही विद्यार्थियों को संस्कृत शिक्षा के साथ गणित एवं विज्ञान विषयों के अध्ययन हेतु भी प्रेरित किया।
सचिव संस्कृत शिक्षा ने महाविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक श्री हरिप्रसाद सती को सम्मानित किया तथा अध्यापकों को दैनिक समाचार वाचन एवं गीता शिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालय परिसर, छात्रावास एवं अनन्त अम्बानी पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। पुस्तकालय समन्वयक श्री कृष्णानन्द पंत ने उन्हें पुस्तकालय में संरक्षित पांडुलिपियों की जानकारी दी।
छात्रावास निरीक्षण के दौरान सचिव ने बेहतर रखरखाव तथा विद्यार्थियों को नवाचार एवं आधुनिक ज्ञान से जोड़ने पर बल दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री भोला दत्त सती ने सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा जनपद चमोली श्री एमआर मैंदुली, ग्राम सभा मण्डल एवं बड़गांव की प्रधान, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जनार्दन प्रसाद नोटियाल, श्री कृष्णानन्द पंत, रमेश सती तथा श्री बदरीश-कीर्ति संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय डिम्मर-सिमली के प्राचार्य डॉ. माताराम पुरोहित सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




