सीएम धामी बोले—उत्तराखण्ड को प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता
फिल्म नीति 2024 के तहत शूटिंग अनुमतियों को सरल बनाने पर जोर, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
देहरादून। उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, मनोरम पर्वतीय दृश्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत अब बड़े फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रही है। राज्य में इन दिनों बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग हो रही है। अभिनेता अक्षय कुमार मसूरी और लैंढौर क्षेत्र में, जबकि अभिनेत्री जाह्नवी कपूर नैनीताल में शूटिंग कर रही हैं। बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स के लिए उत्तराखण्ड की बढ़ती पसंद राज्य को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान दिलाने के साथ ही पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी संभावनाएं बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म निर्माण के लिए अपार संभावनाएं रखता है। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म उद्योग से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फिल्म शूटिंग से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग केवल राज्य के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं, कलाकारों और तकनीशियनों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। फिल्म यूनिटों के पहुंचने से होटल, परिवहन, खान-पान, स्थानीय कारोबार और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
सरकार का प्रयास है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाए, ताकि राज्य में होने वाली शूटिंग का लाभ यहां के व्यवसायियों, कलाकारों और सेवा प्रदाताओं तक पहुंचे।
फिल्म नीति 2024 से शूटिंग प्रक्रिया होगी आसान
उत्तराखण्ड में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार फिल्म नीति 2024 के तहत अनुकूल वातावरण विकसित करने पर जोर दे रही है। इसके अंतर्गत सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के माध्यम से शूटिंग संबंधी अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उद्देश्य फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जटिलताओं से राहत देना है। इससे राज्य में फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिल सकती है।
फिल्म नीति के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को अवसर उपलब्ध कराने, फिल्म निर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और उत्तराखण्ड के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
फिल्मों के जरिए पर्यटन स्थलों को मिलेगी नई पहचान
मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक खूबसूरती फिल्मों के माध्यम से देशभर के दर्शकों तक पहुंच सकती है। बड़े पर्दे पर इन स्थानों की मौजूदगी से पर्यटन के प्रति लोगों की रुचि बढ़ने की संभावनाएं हैं। इसका लाभ स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी संचालकों, दुकानदारों और अन्य पर्यटन आधारित कारोबारों को मिल सकता है।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद भी राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को फिल्मों के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है। फिल्म निर्माताओं को सहयोग और शूटिंग के लिए सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों से राज्य में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
कुल मिलाकर, उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग राज्य की फिल्म-अनुकूल छवि को मजबूत करने का अवसर प्रदान कर रही है। सरकार की ओर से फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने, पर्यटन स्थलों की पहचान बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर दिया जा रहा जोर आने वाले समय में राज्य के फिल्म पर्यटन को नई दिशा दे सकता है।




