देहरादून।
डोईवाला क्षेत्र में नवविवाहिता एवं सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और ननद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार को हर्रावाला स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पहले ही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को सृष्टि कंडारी की मां सीमा कंडारी, निवासी श्रीकोट (श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल) ने कोतवाली डोईवाला में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी का विवाह नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुआ था। विवाह के बाद से ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिसके चलते उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
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शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी तथा ननद सुरभि खत्री उर्फ चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना सीओ डोईवाला वंदना वर्मा को सौंपी गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।
मृतका का वीडियो बना महत्वपूर्ण साक्ष्य
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका की मां सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। इसी बीच सृष्टि की मां ने पुलिस को एक वीडियो उपलब्ध कराया, जिसे सृष्टि ने घटना से पूर्व भेजा था। पुलिस के अनुसार, वीडियो में सृष्टि ने विवाह के बाद से ससुराल पक्ष द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न का उल्लेख किया था। पुलिस ने इस वीडियो सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण आधार माना है।
मुख्य आरोपी और ननद गिरफ्तार
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि गठित पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सौरभ खत्री और उसकी बहन सुरभि खत्री उर्फ चारू को हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है, जबकि मामले में नामजद सास की भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला
सृष्टि कंडारी सरकारी विद्यालय में शिक्षिका थीं, जबकि उनके पति सौरभ खत्री सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही उसे दहेज सहित अन्य बातों को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवार के एक सदस्य की मृत्यु के बाद अंधविश्वास के चलते सृष्टि को ‘मनहूस’ कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
परिजनों के अनुसार, घटना से पहले सृष्टि से संपर्क न होने पर उन्होंने परिचित को उसके ससुराल भेजा, जहां पता चला कि उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब तक परिजन देहरादून पहुंचे, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




