उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तरकाशी पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। श्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में अब तक लगभग 3.3 लाख श्रद्धालु सुरक्षित दर्शन कर चुके हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या और यात्रा पीक को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय द्वारा आज यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
एसपी उत्तरकाशी द्वारा यमुनोत्री यात्रा के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी पहुंचकर पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा का संचालन पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुचारु रखा जाए।
यात्रा मार्ग पर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति आदि व्यवस्थाओं की अद्यतन जानकारी ली गई, सभी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित रखने तथा यात्रा से जुडे सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं यात्रा के निर्देश दिये गये।
यात्रा मार्ग के विभिन्न पडाव पर श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक एवं सुझाव लिये गये। तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उनके यात्रा अनुभव जाने तथा यात्रा मार्ग, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं दर्शन व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गयी। उनके द्वारा तीर्थंयात्रियों को उत्तरकाशी पुलिस की चारधाम यात्रा-2026 संबंधी दिग्दर्शिकाएं वितरित कर जागरूकता बढ़ाई गई।
यात्रा पीक को देखते हुए सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक्स्ट्रा अलर्ट मोड में ड्यूटी करने और तीर्थयात्रियों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ब्रह्मखाल, शिवगुफा सहित संवेदनशील स्थानों पर दर्शन व्यवस्था को कतारबद्ध एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने, वाहनों की सही पार्किंग और स्मूथ ट्रैफिक संचालन के निर्देश दिए गए।
सिलक्यारा राड़ी टॉप, ओरछा बैंड तथा पालीगाड़ से जानकीचट्टी के मध्य संकरे मार्गों पर यातायात दबाव बढ़ने की स्थिति में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने एवं प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
दोबाटा यात्री पंजीकरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा केंद्र पर आने-जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का रिकॉर्ड रजिस्टर में व्यवस्थित एवं सही तरीके से दर्ज करने तथा संदिग्ध गतिविधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिये गये। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पंजीकरण एवं मेडिकल प्रक्रिया को कम से कम समय में पूर्ण करने, अनावश्यक भीड़ एवं प्रतीक्षा से बचाने तथा सभी श्रद्धालुओं के साथ सौम्य, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी में सुरक्षा एवं यात्रा व्यवस्थाओं का विस्तृत समीक्षा करने के उपरान्त पुलिस अधिकारियों की मीटिंग लेकर CCTV कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने, पार्किंग व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ करने तथा अपराध नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु घोड़ा-खच्चर तथा डंडी-कंडी संचालन को रोटेशन प्रणाली के तहत संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अनावश्यक भीड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने, भीड़ नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने एवं सुरक्षित, सहज, व्यवस्थित यात्रा हेतु अधिकारियों को अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक श्री तपेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक बड़कोट श्री सुभाष चंद्र, निरीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह, निरीक्षक श्री देवेन्द्र सिंह, निरीक्षक यातायात श्री ललित मोहन देवडी, थानाध्यक्ष पुरोला श्री दीपक कठैत, यातायात उपनिरीक्षक श्री विरेंद्र पंवार, चौकी प्रभारी जानकीचट्टी श्री राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




