देहरादून. बीजेपी महिला मोर्चा द्वारा महिला वंदन अधिनियम पारित न होने पर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों के विरोध में आक्रोश मशाल यात्रा निकाली मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा विपक्षी दलों ने बार-बार महिला आरक्षण के मार्ग में बाधाएं खड़ी की हैं। जब-जब महिलाओं को उनका अधिकार देने की बात आई, तब-तब बहाने बनाए गए। लेकिन अब समय बदल चुका है। आज की महिला जागरूक है, सजग है और अपने अधिकार के लिए आवाज उठाना जानती है। कुछ दलों में केवल एक परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है, लेकिन आम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात आते ही वही लोग पीछे हट जाते हैं। अब यह नहीं चलेगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि महिलाओं का अधिकार अब कोई मांग नहीं, बल्कि हमारा हक है और हम इसे लेकर रहेंगे। हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे क्योंकि यह हमारे आने वाले कल का सवाल है। महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष सुमन सिंह ने कहा कांग्रेस एवं विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थन न करने पर महिला वंदन अधिनियम पारित न हो सका जिस अधिनियम के अंतर्गत भारत की अधिक से अधिक महिलाओं को विधानसभा में लोकसभा में जिला पंचायत में नगर पंचायत में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होता जो कांग्रेस और विपक्ष पार्टियों द्वारा समर्थन न करने पर अधिनियम पारित न हो सका उसी क्रम में महिला मोर्चा द्वारा आज हम आक्रोश मशाल यात्रा निकाल कर कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ समस्त विपक्ष पार्टियों को को यह संदेश देना चाहते हैं आप महिला विरोधी हैं अपने महिलाओं को संसद में विधानसभा में और ग्राम पंचायत आदि अहम पदों पर जाने पर बाधा डाली है जिसका विरोध पूरे देश की महिलाओं में दिख रहा है और यह विरोध महिला मोर्चा जारी रखेगा जब तक महिलाओं को उनका हक नहीं मिल जाता।
आक्रोश मशाल यात्रा में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत जी महानगर प्रदेश अध्यक्ष महानगर प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती रुचि भट्ट महिला मोर्चा के प्रभारी शैलेंद्र बिष्ट प्रदेश की मंत्री श्रीमती नेहा जोशी दर्जाधारी राज्य मंत्री श्रीमती विनोद उनियाल प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा डॉo हिमानी वैष्णवी महानगर उपाध्यक्ष श्रीमती सुधा प्रधान श्रीमती मीनाक्षी गोदियाल श्रीमती हेमा परिहार महामंत्री मनोरमा कला मंत्री पूनम मंगाई श्रीमती बीना भाटिया श्रीमती पूजा दत्त प्रियंका सैनी सुमन साहनी नेहा कटारिया आदि बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।




