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Monday, April 27, 2026


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नियमों के विपरीत तथा अत्यंत लापरवाही से किया जा रहा सुरक्षा दीवार का निर्माण

देहरादून, 27 अप्रैल। कैंट विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 34 गोविंद गढ़ में छोटी बिंदाल नदी में इन दिनों सिंचाई विभाग, नियोजन यमुना कॉलोनी देहरादून द्वारा सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जा रहा है। यह सुरक्षा दीवार पुराने पुश्ते के आगे नदी की चौड़ाई कम करके किया जा रहा है। जिसके कारण भविष्य में बाढ़ तक का खतरा बनने का भय उत्पन्न होने लगा है। इसी खतरे को मध्य नज़र रखते हुए आज विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई कि तकनीकी एवं जन आपत्तियों के मद्देनजर वार्ड 34 के अन्तर्गत बन रही सुरक्षा दीवार को समुचित ढंग से बनाया जाए। तथा बिंदाल एवं रिस्पना नदियों में बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रभावी पर्यावरणीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

आज सचिव, सीपीआई (एम) देहरादून के सचिव अनन्त आकाश के नेतृत्व में अनेक जन सगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन देते हुए बताया कि सिंचाई विभाग, नियोजन यमुना कॉलोनी देहरादून द्वारा वार्ड नंबर 34 के अन्तर्गत गोविन्दगढ़/शांति विहार क्षेत्र में छोटी बिंदाल नदी पर एक सुरक्षा दीवार (पुश्ता) का निर्माण किया जा रहा है। यह निर्माण नियमों के विपरीत तथा अत्यंत लापरवाही से किया जा रहा है। विभाग पुराने पुश्ते को हटाने के बजाय, उसके आगे 2 फीट (नदी के भीतर) नई दीवार बना रहा है। दोनों तरफ से 2-2 फीट जगह घेरने के कारण नदी की कुल चौड़ाई 4 फीट कम हो जाएगी। इस कारण छोटी बिंदाल नदी एक संकरी नाली में तब्दील हो जाएगी। भारी बारिश में पानी का प्रवाह रुकेगा, वह ओवरफ्लो होकर आस-पास की कॉलोनियों एवं बस्तियों में घुस जाएगा, जिससे जान-माल की भारी क्षति की आशंका है।

उन्होंने ज्ञापन में बताया कि कुछ दूरी पर नदी पहले से ही बॉटल-नेक (अत्यंत संकरी) है। चौड़ाई कम होने पर यहाँ स्थिति और विकट हो जाएगी। क्षेत्रीय विधायक (कैंट) श्रीमती सविता कपूर ने सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुराने पुश्ते को हटाकर ही नए का निर्माण किया जाए, ताकि नदी की चौड़ाई कम न हो। इसके बावजूद निर्माण इसी प्रकार जारी है। ज्ञापन में मांग की गई कि तुरंत प्रभाव से छोटी बिंदाल नदी पर इस गलत तरीके से हो रहे सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य पर रोक लगवाने का आदेश जारी किए जाए तथा सिंचाई विभाग को निर्देशित किया जाए कि वह पहले पुराने पुश्ते को हटाए, उसके बाद ही उचित तकनीकी मानकों के अनुसार नए पुश्ते का निर्माण करे, जिससे नदी की वर्तमान चौड़ाई प्रभावित न हो। भविष्य में बाढ़ जैसी घटना से बचाव के लिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएँ। ज्ञापन में मांग की गई कि बिंदाल एवं रिस्पना नदियों में बाढ़ सुरक्षा के दृष्टिगत प्रभावी एवं पर्यावरणीय रूप से उपयुक्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे नदियों का प्राकृतिक बहाव अवरुद्ध न हो तथा अतिक्रमण समाप्त किया जाए।

ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सीपीएम, आयूपी, यूकेडी, उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद, नेताजी संघर्ष समिति के लोग शामिल थे। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सीपीएम सचिव अनन्त आकाश, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष नवनीत गुंसाई, यूकेडी की वरिष्ठ नेत्री प्रमिला रावत, सीटू जिला उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल,नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डण्डरियाल, उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, राजेश शर्मा आदि उपस्थित थे। ज्ञापन की एक प्रति अधिशासी अभियंता (नियोजन सिंचाई विभाग) और सहायक अभियंता को भी भेजी गई है।

 

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