28.2 C
Dehradun
Sunday, May 17, 2026


spot_img

ठेका श्रमिकों से लिया जाता हैं अमानवीय तरीके से कार्य : डॉ. हरक सिंह रावत

देहरादून, 17 मई। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजपुर रोड देहरादून में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि सेलाकुई देहरादून हरिद्वार और उधम सिंह नगर सिडकुल एरिया के उद्योगों में उद्योगों का प्रबंध श्रमिकों का लगातार उत्पीड़न कर रहा है उद्योग प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के मौलिक एवं श्रम अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है जिस कारण श्रमिकों में आक्रोश है वह कई बार सरकार और उद्योग प्रबंधन से अपनी मांगों के समर्थन में वार्ता कर चुके हैं लेकिन हर बार उनकी अनदेखी सरकार और प्रबंधन ने की है जिस कारण उनका धैर्य अब जवाब दे रहा है और वह सड़क पर उतरकर के आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं सरकार मजदूरों की समस्याओं को समझने और उसका समाधान करने की जगह पुलिस की लाठी के बल पर श्रमिकों की आवाज को दबाने का काम कर रही है बेगुनाह श्रमिकों पर पुलिस की लाठियां भांजी जा रही है जो सरासर श्रमिकों के विरुद्ध अन्याय और अत्याचार है पुलिस प्रशासन और सरकार का यह रवैया अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही पूर्ण है। डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उद्योगों में महिला श्रमिकों के साथ उद्योग प्रबंधन लगातार भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाये हुए है  ,महिला श्रमिकों का हर तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है उनके लिए वहां शौचालय तक की व्यवस्थाएं नहीं है वेतन में भी महिला श्रमिकों के साथ भेदभाव किया जाता है जो सरकार के महिला सशक्तिकरण  के दावों की पोल भी खोल रहा है । उन्होंने कहा कि वह उद्योगों की मजबूती के पक्ष में है लेकिन श्रम कानून का पालन भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है यह सरकार और श्रम विभाग को देखना चाहिए। डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि श्रमिकों की शिकायतें है कि श्रमिकों से 8 घंटे से ज्यादा कार्य लिया जाता है और उसका उचित भुगतान भी उन्हें नहीं किया जाता उद्योगों में सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार वेतन भी नहीं दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई महंगाई के इस दौर में श्रमिकों का वेतन भी बढ़ना चाहिए अकुशल कर्मचारियों को 20  हजार, अर्ध कुशल कर्मचारी को 23 हजार एवं कुशल कर्मचारियों को 25 हजार एवं अति कुशल कर्मचारियों को कम से कम 30 हजार रुपए प्रति माह वेतन दिया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बिना कारण बताएं नौकरियों से निकलना धमकाने व उनके मानसिक उत्पीड़न की लगातार शिकायतें मिल भी बड़ी संख्या में मिल रही है, जो बहुत चिंता जनक है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ठेका श्रमिकों से तो अमानवीय तरीके से कार्य लिया जाता है और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है इसके अलावा उद्योगों में श्रमिकों को नियुक्ति पत्र व वेतन पर्ची ही नहीं दी जाती और उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर भी नहीं कराए जाते हैं जो नियमों के विरुद्ध है बिना कारण और बिना नोटिस दिए ही श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया जाता है और श्रमिकों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन , पीएफ , ईएसआई , ग्रेच्युटी बोनस ,महंगाई भत्ता  लाभ ,पेंशन लाभ भी कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है उद्योग विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से उद्योगों में श्रम कानून और श्रमिकों की सुरक्षा का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग तत्काल उच्च स्तरीय समिति बनाकर फैक्ट्री का विशेष निरीक्षण करवाएं और यह सुनिश्चित करें कि वहां श्रमिकों का उत्पीड़न किसी भी स्तर पर ना हो श्रम कानून का पूर्णत: पालन हो रहा है या नहीं हो रहा है यह देखा जाए उद्योगों में श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिविर लगाकर श्रमिकों की समस्याएं सुनी जाए और उनका समाधान किया जाए और श्रम कानून के हिसाब से श्रमिकों को उनके परिश्रम का उचित वेतन मिले यह सुनिश्चित किया जाए डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि अगर उद्योगों में श्रमिकों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो कांग्रेस के श्रम संगठन इंटक और कांग्रेस पार्टी को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी सारी जवाब देही सरकार की होगी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा एवं इंटक के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष राकेश कुमार राजपूत उपस्थित रहे।

 

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
spot_img

Stay Connected

22,024FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!