देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे सहकारिता चुनावों में भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशियों ने ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए सभी 9 जिला सहकारी विकास संघों (डीसीडीएफ) में निर्विरोध विजय प्राप्त की है। इसके अलावा जिला भेषज सहकारी संघ चंपावत में भी भाजपा ने जीत हासिल की है। सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने समितियों से लेकर सहकारी संघों में जबरदस्त जीत हासिल की है।
जिला सहकारी विकास संघ इस प्रकार हैं :-
– उधम सिंह नगर जिला उपभोक्ता सहकारी संघ, रुद्रपुर महिला अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित श्रीमती प्रतिभा शाही,
– कुमाऊँ सहकारी विकास संघ लिमिटेड, अल्मोड़ा महिला अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित बबीता मेहरा,
– चमोली जिला सहकारी विकास संघ, गोपेश्वर महिला अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित श्रीमती कमला देवी
– जिला बेसिक एवं सहकारी विकास संघ, कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) रविंद्र सिंह नेगी
– जिला बेसिक एवं सहकारी विकास संघ, मुनिकीरेती (टिहरी गढ़वाल) सत्येंद्र सिंह पुनेठा
– जिला सहकारी संघ, हरिद्वार रामवीर सिंह
– तराई विकास सहकारी संघ, रुद्रपुर गोपाल बोरा
– देहरादून जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड, देहरादून राहुल गुप्ता
– नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव फेडरेशन, हल्द्वानी शिव बहादुर सिंह
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 9 जिला सहकारी विकास संघों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत राज्य सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र में किए गए सुधारों तथा विकासोन्मुखी नीतियों पर जनता व सहकारिता परिवार के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तीन जिला सहकारी विकास संघों में महिला अध्यक्षों का निर्विरोध निर्वाचित होना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे भविष्य में सहकारिता आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी और अधिक सशक्त होगी।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने, संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा किसानों, महिलाओं और युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव निर्वाचित पदाधिकारी सहकारिता संस्थाओं को और अधिक सशक्त एवं जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी विकास संघों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब जिला सहकारी बैंकों के चुनाव प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार इन चुनावों को भी पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।




