- 50 हजार रुपये का ईनामी गिरफ्त में 2024 से लगातार चल रहा था फरार
- 2024 मे कनखल पुलिस ने किया था ब्लाईण्ड मडर्र का खुलासा, आश्रम पर कब्जे की थी साजिश
- महन्त गोविन्ददास जून माह 2024 में धर्म प्रचार के लिए निकले थे
- आश्रम हथियाने को लेकर राम गोविन्द दास को लगाये जहरीले इन्जेशकन बाबा के मूर्छित होने पर गला गोंटकर की थी हत्या
- राम गोविन्ददास महाराज की हत्या के बाद खाते से की लाखों की धोखाधडी
- 10 करोड रुपये मे चल रही थी आश्रम को बैचने की योजना, हत्या कर चल रहा था फरार
हरिद्वार, 17 अक्टूबर। हरिद्वार पुलिस ने महंत गोविन्द दास हत्याकांड में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के अनुसार, रुद्रनन्द पुत्र श्यामलहरी गिरी निवासी रायवाला गौरी गीता आश्रम, बिरला मंदिर, देहरादून ने महंत गोविन्द दास शिष्य बिशम्बर दास महाराज निवासी श्रद्धा भक्ति आश्रम, ज्ञानलोक कॉलोनी, कनखल के 15 जून 2024 को धर्म प्रचार के लिए राजस्थान जाने के बाद वापस न लौटने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में 17 अक्टूबर को गुमशुदगी संख्या 76/24 दर्ज कर जांच एएसआई मुकेश राणा को सौंपी गई।

विवेचना के दौरान आश्रम के कार्यकर्ताओं और महंत के परिचितों से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों ने महंत को नशीले इंजेक्शन देकर बेहोश करने, हत्या करने और शव गंगा में फेंकने की बात स्वीकार की। आरोपियों का उद्देश्य आश्रम पर कब्जा करना था। पुलिस के अनुसार, आश्रम का करीब 10 करोड़ रुपये में सौदा करने और महंत के हस्ताक्षर से फर्जी वसीयतनामा बनाकर लाभ कमाने की योजना थी।
इस मामले में 19 अक्टूबर 2024 को योगी राम गोपाल नाथ, अशोक कुमार, ललित और संजीव को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सौरभ और प्रदीप फरार थे। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने 12 अक्टूबर को शामली, उत्तर प्रदेश निवासी प्रदीप पुत्र बृजपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम: इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह रावत, एसएसआई अनुज सिंह, एसआई नरोत्तम सिंह बिष्ट (एसटीएफ), एएसआई हितेश कुमार तथा हेड कांस्टेबल संजय कुमार, देवेन्द्र ममगाईं और वीरेन्द्र नौटियाल शामिल रहे।




