मसूरी। आज मसूरी में कांग्रेस नेता उपेंद्र थापली ने पत्रकारों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में प्रेस वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकार का अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज की आवाज़ का अपमान है। आम जनता अपनी समस्याएं और मुद्दे पत्रकारों के माध्यम से ही शासन-प्रशासन तक पहुंचाती है। इसलिए पत्रकारों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। हम गणेश जोशी जी से मांग करते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, ताकि आहत पत्रकारों और जनता की भावनाओं का सम्मान हो सके। सत्ता का अहंकार किसी भी जनप्रतिनिधि को जनता और लोकतंत्र से ऊपर नहीं बना सकता।” “पत्रकारों को ‘टठपुंजिया’कहकर अपमानित करना केवल मीडिया का नहीं, बल्कि उन लाखों नागरिकों का अपमान है जिनकी आवाज़ पत्रकार समाज और सरकार तक पहुंचाते हैं। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, और उसकी गरिमा पर हमला जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास माना जाएगा। यह बयान सत्ता के अहंकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असम्मान को दर्शाता है। जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी, लेकिन उससे पहले आपको सार्वजनिक रूप से पत्रकारों और प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।”




