देहरादून। देहरादून सिटीजंस फोरम से जुड़े लगभग 100 चिंतित नागरिकों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और त्वरित एवं ठोस हस्तक्षेप की मांग की है। अपने विस्तृत ज्ञापन में नागरिकों ने पिछले कुछ महीनों में हत्या, सशस्त्र झड़पों, रोड रेज और संगठित आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी जैसे चिंताजनक मामलों को रेखांकित किया है। कभी शांत और सुरक्षित माने जाने वाला देहरादून अब ऐसे घटनाक्रम देख रहा है जो नागरिकों की सुरक्षा की भावना को कमजोर कर रहे हैं। ज्ञापन में 30 मार्च 2026 को ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) एम.के. जोशी की दुखद और टाली जा सकने वाली मृत्यु का विशेष उल्लेख किया गया है जो आपराधिक समूहों के बीच तेज रफ्तार पीछा के दौरान चली एक गोली का शिकार हो गए। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को गहराई से झकझोर दिया है और यह शहर में बढ़ते आपराधिक दुस्साहस का प्रतीक बन गई है।
फोरम का कहना है कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि एक चिंताजनक प्रवृत्ति का हिस्सा है। शहर के विभिन्न हिस्सों से लगातार गंभीर घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे भय, चिंता और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
नागरिकों ने पुलिसिंग, निगरानी और इंफोर्समेंट तंत्र में मौजूद खामियों की ओर इशारा किया है जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही, निवारक प्रभाव के कमजोर होने और विशेष रूप से नाइटलाइफ प्रतिष्ठानों में नियंत्रण के ढीले पड़ने पर भी चिंता जताई गई है।
ज्ञापन के अनुसार, कई बार, पब और पार्टी स्थलों द्वारा संचालन समय और साउंड पॉल्यूशन के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है और कुछ मामलों में ये अव्यवस्था, नशे के दुरुपयोग और हिंसक झगड़ों के केंद्र बनते जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
अपने आग्रह में नागरिकों ने राज्य सरकार से विशेषकर रात्रि के समय पुलिस गश्त को सुदृढ़ करने, संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का विस्तार और रियल-टाइम मॉनिटरिंग में सुधार, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, स्पष्ट गति सीमा और ओवरस्पीडिंग पर शून्य सहिष्णुता अपनाने, अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, आपराधिक मामलों की त्वरित जांच सुनिश्चित करने और नागरिकों में विश्वास बहाली के लिए प्रभावी सार्वजनिक संचार स्थापित करने जैसे कदम उठाने की मांग की है।
देहरादून सिटीजन फोरम जो देहरादून में विभिन्न पेशेवर और सामाजिक पृष्ठभूमि के 500 से अधिक नागरिकों का नेटवर्क है ने कहा कि यह पहल शहर की सुरक्षा, रहने योग्य वातावरण और भविष्य को लेकर सामूहिक चिंता को दर्शाती है। फोरम ने सरकार और नागरिकों के बीच एक रचनात्मक सेतु के रूप में अपनी भूमिका दोहराई और कहा कि समय पर एवं दृढ़ कार्रवाई से न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में स्थिति के और बिगड़ने को भी रोका जा सकेगा। फोरम के सदस्यों ने यह भी रेखांकित किया कि देहरादून की शांत और रहने योग्य शहर की पहचान को सक्रिय शासन और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से संरक्षित करना आवश्यक है। इस ज्ञापन का समर्थन लगभग 100 नागरिकों ने किया है, जिनमें जगमोहन मेंदीरत्ता, अनूप नौटियाल, भारती जैन, रमना कुमार, रितु चटर्जी, परमजीत कक्कड़, फ्लोरेंस पांधी, संजीव श्रीवास्तव और अजय दयाल सहित कई अन्य चिंतित नागरिक शामिल हैं जिन्होंने शहर में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल और सतत कार्रवाई की मांग की है।




