चम्पावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में जिला उज्जवला समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट ने समिति को अवगत कराया कि जनपद में उज्जवला योजना 3.0 के अंतर्गत अब तक कुल 46 नए गैस कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, योजना के तहत जारी किए गए गैस कनेक्शनों की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए किए जा रहे निरंतर सत्यापन के क्रम में 4 विशेष प्रकरणों को ‘डीयूसी’ सत्यापन हेतु चिन्हित किया गया है। इन चिन्हित प्रकरणों की सघन जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागों और अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया गया कि चिन्हित किए गए संदिग्ध प्रकरणों की बिंदुवार जांच भारत सरकार एवं तेल विपणन कंपनियों (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) द्वारा निर्धारित कड़े मानकों के अनुरूप ही की जाए। मानकों की इस विशेष जांच के तहत कई कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि लाभार्थी परिवार की मासिक आय 10,000 से अधिक न हो, जिसका सत्यापन तहसीलदार, पटवारी या पंचायत सचिव के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्य कृषि अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी को निर्धारित सीमा से अधिक सिंचित भूमि या उसके साथ लगे कृषि उपकरणों की संयुक्त जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थी के पास मशीनीकृत 3 या 4 पहिया कृषि वाहन अथवा उपकरण न हो। जिला उद्योग केंद्र चम्पावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि लाभार्थी या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई गैर-कृषि उद्यम पंजीकृत तो नहीं है। मुख्य कृषि अधिकारी को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा 50,000 से अधिक न होने की भी जांच करनी होगी।
मानकों के तहत यह भी अनिवार्य किया गया है कि किसी सरकारी योजना से प्राप्त आवास को छोड़कर लाभार्थी के पास 30 वर्गमीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र का निजी पक्का आवास नहीं होना चाहिए, जिसकी जांच संबंधित नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, पंचायत या खंड विकास अधिकारी द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, उपसंभागीय परिवहन अधिकारी और ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक को संयुक्त रूप से यह देखना होगा कि लाभार्थी के पास मोटर चालित 3 या 4 पहिया वाहन अथवा फिशिंग बोट न हो। जिले के समस्त गैस प्रबंधकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर से यह पूर्णतः सत्यापित कर लें कि संबंधित लाभार्थी के नाम पर पूर्व से कोई एलपीजी कनेक्शन चालू न हो। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि वर्तमान तक 3 आवेदकों के पत्र ही संबंधित गैस एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए शेष बचे सभी आवेदकों के पत्र आज ही प्राप्त कर उन्हें संबंधित विभागों को अग्रिम कार्यवाही हेतु तत्काल भेजने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण जांच कार्य में किसी भी स्तर पर कोई शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत जांच पूर्ण कर अपनी रिपोर्ट जिला पूर्ति कार्यालय, चम्पावत को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में उप जिलाधिकारी चम्पावत, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, मुख्य कृषि अधिकारी, प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, खंड विकास अधिकारी चम्पावत व लोहाघाट, सहायक खंड विकास अधिकारी पाटी तथा चम्पावत व लोहाघाट के गैस प्रबंधक मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जबकि जिले के अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।




