18.9 C
Dehradun
Friday, March 6, 2026


spot_img

राज्यपाल ने प्रदान किए ‘‘महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा’’ और ‘‘मेरी पहचान-2026’’ सम्मान : राज्यपाल

देहरादून 06 मार्च। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। महिला कल्याण विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित इस आयोजन में राज्यपाल ने विभाग की ओर से ‘‘महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा’’ और ‘‘मेरी पहचान-2026’’ सम्मान प्रदान किए। राज्यपाल ने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च सम्मान का स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा में नारी को शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा की गुरु नानक देव जी का संदेश “सो क्यों मंदा आखिए जित जम्मे राजान” हमें यह सिखाता है कि जो नारी राजाओं को जन्म देती है, उसे कभी भी कमतर नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्म मूल्य और उनकी क्षमता को पहचानने का अवसर है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में महिलाओं ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी मेहनत और संकल्प के बल पर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आज वे न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज की बेटियाँ शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन और उद्यमिता सहित सभी क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रही हैं। विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में बड़ी संख्या में बेटियाँ स्वर्ण पदक और अन्य उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। राज्यपाल ने कहा कि आज के इस अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि समाज में महिलाओं को सम्मान, समान अवसर और प्रोत्साहन प्रदान किया जाए, ताकि वे अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए राष्ट्र के विकास में और अधिक योगदान दे सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस नारी के संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक महिलाओं और बालिकाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके संघर्ष और साहस से ही उन्हें सम्मान और पहचान मिलती है।श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से उन महिलाओं और बालिकाओं का संघर्ष प्रेरणादायक है, जिन्हें जीवन में पारिवारिक या सामाजिक सहारा कम मिला, फिर भी उन्होंने अपने प्रयासों से समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन, विधिक सलाहकार राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, निदेशक बी.एल. राणा सहित निदेशालय महिला कल्याण से मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती अंजना गुप्ता एवं उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्री राजीव नयन एवं अन्य अधिकारी, कार्मिक तथा विभिन्न संस्थाओं से आई बालिकाएँ एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
spot_img

Stay Connected

22,024FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!