देहरादून 10 जनवरी। सचिवालय में आरटीआई अधिनियम (सूचना का अधिकार कानून) के लागू होने के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में आरटीआई अधिनियम के तहत सराहनीय कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों तथा 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया।
सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कानून है, जिसने शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों का विश्वास बढ़ाया है। इस अधिनियम ने आमजन को नीतियों और निर्णयों पर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देकर प्रशासन को अधिक उत्तरदायी बनाया है।
आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के कुशल नेतृत्व में डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, डीबीटी और जन-सुनवाई जैसी पहलों से सुशासन की संस्कृति विकसित हुई है। हमारी सरकार पारदर्शी और जनोन्मुखी शासन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सूचना आयोग में अब तक 13 लाख से अधिक आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण हो चुका है। वर्तमान में केवल 700 प्रकरण लंबित हैं।




