पौड़ी। गर्मी के मौसम को देखते हुए संभावित वनाग्नि की रोकथाम के लिए गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। वन विभाग सतत निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता के माध्यम से आग की घटनाओं को रोकने के लिए अभियान चला रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि प्रभाग में 42 क्रू स्टेशनों के सापेक्ष 123 फायर वॉचरों की तैनाती की गई है, जिनकी जिम्मेदारी वन क्षेत्रों में गश्त और आग की स्थिति में त्वरित नियंत्रण की कार्रवाई करना है। इनके जीवन बीमा की प्रक्रिया भी प्रचलित है तथा आवश्यकता पड़ने पर संख्या बढ़ाई जाएगी। वनाग्नि रोकथाम के लिए अब तक 96 रैली, गोष्ठी व कार्यशालाएं आयोजित कर जन-जागरूकता की गई है। साथ ही आग की संभावनाएं कम करने के लिए 19,867.204 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नियंत्रित फुकान (कंट्रोल्ड बर्निंग) किया गया है। फायर वॉचरों को हेलमेट, ग्लव्स, जूते, हैडलाइट, फर्स्ट एड किट, सुरक्षा चश्मे व दरांती सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही वनाग्नि प्रबंधन योजना–2026 भी तैयार की गई है, जिसके तहत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। डीएफओ ने आमजन से अपील की है कि जंगलों में आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें और सतर्कता बरतें।




