एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
चम्पावत । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों को आधारभूत सुविधाओं से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल को साकार करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में उरेडा (उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) के माध्यम से जनपद के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पथ प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने हेतु 217 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत चयनित प्रमुख स्थलों पर सोलर हाईमास्ट लाइटों की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इनमें छतकोट, मंच (एएनएम केंद्र एवं राजकीय इंटर कॉलेज परिसर), हरम, गुरु गोरखनाथ मंदिर, गौशाला टनकपुर, वनराजी ग्राम खिरद्वारी, स्पोर्ट्स स्टेडियम बनबसा, राजकीय इंटर कॉलेज टनकपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज टनकपुर तथा हैलागोठ जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इन स्थलों पर उच्च क्षमता वाली प्रकाश व्यवस्था स्थापित होने से क्षेत्र में सुरक्षा एवं सुविधा दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसके साथ ही 217 ग्रामीण एवं दुरस्थ स्थलों में सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना से रात्रि के समय आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा, दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी तथा आमजन विशेषकर महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, धार्मिक स्थलों, विद्यालय परिसरों, एएनएम केंद्रों, पशु चिकित्सालयों एवं प्रमुख संपर्क मार्गों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था से सामाजिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा स्थानीय जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
इस परियोजना हेतु जनपद के विभिन्न ग्रामों विशेषकर ग्राम पंचायत छतकोट, मोस्टा बकोड़ा, ग्राम खिरद्वारी सहित अनेक क्षेत्रों के निवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
इसके तहत ग्राम गैंडाखाली, फर्तोला, मनार मल्ला, गल्ला गांव, माँ कामधेनु वात्सल्य सेवधाम लोहाघाट, रा.बा.इ.का. काकड, लोहाघाट, खेतीखान, रा.इ. का पाटी, बाराकोट, एएनएम सेंटर चल्थी, धूनाघाट, ग्राम मोस्टा, बकोड़ा, डूंगाजोशी, मंगोली सहित कुल 88 से अधिक स्थलों में 217 सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जनपद के चारों विकासखंड—पाटी, चम्पावत, लोहाघाट एवं बाराकोट—के विभिन्न ग्रामों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे अधिकतम ग्रामीण आबादी को इसका लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सोलर स्ट्रीट लाइटें न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो जनपद को हरित एवं सतत विकास की ओर अग्रसर करता है।
जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी, उरेडा को निर्देशित किया है कि शेष कार्य निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। साथ ही, कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि योजना का लाभ शीघ्रता से आमजन तक पहुंच सके।




