चमोली। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार द्वारा थाना थराली का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम उपनिरीक्षक देवेन्द्र भारती के नेतृत्व में सलामी गार्द का मान-प्रणाम ग्रहण किया। तत्पश्चात थाना परिसर, आवासीय परिसर एवं थाना कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई, अभिलेखों एवं समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए थाने की कार्यप्रणाली, अनुशासन एवं सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन लेते हुए निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किए गए-थाने पर उपलब्ध असलहों, दंगा नियंत्रण उपकरणों एवं आपदा प्रबंधन संसाधनों का निरीक्षण करते हुए उनकी स्थिति एवं कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। उपस्थित पुलिस कर्मियों से शस्त्रों की हैंडलिंग का अभ्यास भी कराया गया। साथ ही निर्देशित किया गया कि थाने में उपलब्ध समस्त शस्त्रों एवं उपकरणों की नियमित साफ-सफाई एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए तथा कार्मिकों को शस्त्रों की सुरक्षित एवं प्रभावी हैंडलिंग का नियमित अभ्यास कराया जाए। इसके अतिरिक्त आपदा उपकरणों की हैंडलिंग का भी नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित करने एवं एसडीआरएफ के माध्यम से थाना स्तर पर कार्मिकों को आपदा प्रबंधन संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिलाए जाने हेतु निर्देश दिए गए। मालखाने में रखे लंबित अभियोगों से संबंधित मालों और लावारिस वाहनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही, पुराने मालों को ‘सुरक्षित मालखाना मॉड्यूल’ में ऑनलाइन अपलोड करने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि पारदर्शिता एवं सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। थाने को प्राप्त क्राइम किट बॉक्स के संबंध में उपस्थित उपनिरीक्षकों से फिंगर प्रिंट लिए जाने की प्रक्रिया की जानकारी ली गई तथा उनसे व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। समस्त कार्मिकों को इसके उपयोग का नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर विवेचना को और अधिक सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक बनाए जाने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। विभिन्न प्रकरणों में लंबित मालों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए माल मुकदमाती एवं के शीघ्र, विधिसम्मत एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। थाना कार्यालय में नियुक्त कार्मिकों से थाना अभिलेखों के अद्यतन एवं प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव, समय पर प्रविष्टि एवं ऑनलाइन/ऑफलाइन रिकॉर्ड के समन्वय के महत्व पर विशेष बल देते हुए अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध अद्यतन सुनिश्चित करने हेतु कार्मिकों को विस्तार से समझाया गया तथा कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए गए। महिला हेल्प डेस्क में नियुक्त कार्मिकों से उनके कार्यों एवं दायित्वों की जानकारी प्राप्त करते हुएआवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीसीटीएनएस कार्यालय का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया गया कि ऑनलाइन पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। थानाध्यक्ष थराली को निर्देशित किया गया कि थाना क्षेत्र के समस्त ज्वैलर्स के साथ गोष्ठी आयोजित कर उन्हें हॉलमार्किंग, आभूषणों की शुद्धता एवं वैध व्यापारिक प्रक्रियाओं के संबंध में अवगत कराते हुए सभी ज्वैलर्स का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए एवं उनके प्रतिष्ठानों से संबंधित अभिलेख, लाइसेंस एवं लेन-देन की पारदर्शिता की समीक्षा की जाए। जिससे भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। समस्त विवेचकों के स्तर पर लंबित विवेचनाओं एवं प्रकरणों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुण-दोष के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान एसपी चमोली द्वारा क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकार बन्धुओं से संवाद स्थापित करते हुए आगामी नन्दा देवी राजजात/बड़ी जात यात्रा को सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, कानून एवं शांति व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा यातायात प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व क्षेत्र से पुलिस क्षेत्र में सम्मिलित किए गए ग्रामों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु ग्राम प्रहरियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाने पर बल दिया गया। विगत वर्ष थराली क्षेत्र में आई आपदा से हुई क्षति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए। इस दौरान श्री रमेश थपलियाल, व्यापार संघ अध्यक्ष श्री संदीप रावत, एडवोकेट मनोज कुमार, श्री आरिफ अहमद, श्री प्रमोद जोशी (ग्राम प्रधान बैनोली) सहित अन्य पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे। निरीक्षण के उपरांत पुलिस अधीक्षक चमोली द्वारा थाना में नियुक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारियों का सम्मेलन आयोजित कर उनसे संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान कार्मिकों की व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।




