देहरादून, 26 मार्च। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक लोककलाओं का प्रदर्शन कर महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने महोत्सव में लगे स्टालों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, संस्कृति, जीवनशैली और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध का उत्सव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में प्रतिवर्ष जनजातीय महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार भी व्यक्त किया। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में नई परंपराओं की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय कल्याण एवं विकास के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विगत चार वर्षों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव राज्य के समग्र विकास पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए, किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आजीविका को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न), जैविक खेती और स्थानीय फसलों को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि सरकार जनजातीय किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, प्रशिक्षण एवं विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है, ताकि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार मिले और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने महोत्सव में शामिल जनजातीय कलाकारों और प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन देश की विविधता और एकता को मजबूत करते हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, योगेश रावत, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधिमंडल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।




