देहरादून 9 जुलाई, आज शुक्रवार को देहरादून, श्रीनगर और नोएडा में कई जगहों पर सीबीआइ ने छापेमारी की है, बताया जा रहा है कि यह छह निजी कॉलेजों को नियमों को ताक पर रखकर सीटें बढ़ाने की अनुमति और कई पाठ्यक्रमों को संबंद्धता देने के मामले में सीबीआइ ने शुक्रवार को उप्र में नोएडा, उत्तराखंड में श्रीनगर और देहरादून में 14 स्थानों पर छापेमारी की। यह छापे एचएनबी विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो जेएल कौल, उनके तत्कालीन ओएसडी डीएस नेगी और छह संस्थानों के संचालकों के आवास और कार्यालय शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान सीबीआइ को तीन बैंक लॉकर्स का भी पता चला है। सर्च में सीबीआइ को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। देहरादून और श्रीनगर में 2014 से 2016 के दौरान कुलपति कौल के ओएसडी रहे डीएस नेगी के आवास हैं और पूर्व कुलपति कौल का नोइडा में आवास है।
ज्ञात हो कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी प्रो कौल पर साल 2014 से 2016 के बीच का मामला है। इन पर आरोप है कि इस दौरान देहरादून में संचालित छह निजी कॉलेजों में नियमों को ताक पर रख कर सीटें बढ़ा दी गईं। इनमें कई ऐसे पाठ्यक्रमों को संबद्धता दी गई, जिनके लिए कॉलेजों के पास न संसाधन और न ही मानकों के अनुरूप फैकल्टी थीं। इस मामले के सामने आने के बाद इन्हीं आरोपों के मद्देनज़र साल 2017 में कुलपति कौल को हटा दिया गया था। इस बीच, सीबीआइ ने मामले की जांच शुरू कर दी। इस सिलसिले में तत्कालीन कुलपति कौल के साथ ही उनके ओएसडी रहे डीएस नेगी को खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जांच के दौरान बाद में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए, इन्हें भी आरोपियों में शामिल कर लिया गया। आज शुक्रवार को सीबीआइ ने टीमों ने आरोपी पूर्व कुलपति जेएल कौल, उनके तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान में विवि में रसायन विभाग के अध्यक्ष डीएस नेगी और देहरादून स्थित शिक्षण संस्थानों के संचालकों के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की है। पूर्व कुलपति कौल का आवास उत्तर प्रदेश के नोएडा में है। जबकि उनके ओएसडी रहे नेगी का श्रीनगर चौरास परिसर में सरकारी और देहरादून में निजी आवास है। सीबीआइ टीम ने नेगी के दोनों आवासों पर कई घंटे तक सर्च किया है।बताया जा रहा है की इस छापेमारी से विश्वविद्यालय में भी हड़कंप मचा हुआ है क्यूंकि सीबीआई के निशाने पर कुछ कर्मचारी भी हैं।




