26.8 C
Dehradun
Thursday, June 18, 2026


spot_img

अदानी समूह द्वारा बनाया जा रहा सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक रोपवे

देहरादून। अदानी समूह द्वारा बनाया जा रहा सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक का रोपवे भारत सरकार की ‘पर्वतमाला परियोजना’ के तहत एक अत्यंत महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा है। यह परियोजना चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही है। लगभग 12.9 किलोमीटर लंबा यह रोपवे दुनिया के सबसे लंबे और सबसे ऊंचे रोपवे सिस्टम्स में से एक होगा। इसके चालू होने के बाद श्रद्धालुओं की 8 से 9 घंटे की कठिन और थका देने वाली पैदल यात्रा मात्र 36 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस भव्य प्रोजेक्ट में कुल रुपये 4,081 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इसमें 3एस (त्रि-केबल डिटैचेबल) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो खराब मौसम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में स्थिरता और पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह भारत का पहला 3S ट्राइकेबल रोपवे होगा। यह सिस्टम प्रति दिशा में प्रति घंटे 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा, जिससे सालाना 20 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 6 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसके बाद अदानी समूह 29 वर्षों तक इसका संचालन और रखरखाव करेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए भी दर्शन को अत्यंत आसान कर देगा। इससे उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में अब रोपवे परिवहन व्यवस्था भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बनकर उभर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन दबाव, यातायात जाम, पर्यावरणीय चुनौतियों और तीर्थ यात्रियों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने रोपवे नेटवर्क के विस्तार का बड़ा खाका तैयार किया है। इसी दिशा में उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से ‘उत्तराखंड रोडवेज डेवलपमेंट लिमिटेड’ का गठन किया गया है, जो राज्य में रोपवे परियोजनाओं को विकसित करने का कार्य कर रहा है। उत्तराखंड सरकार ने 2 सितंबर 2025 को विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में उत्तराखंड रोपवेज डेवलपमेंट लिमिटेड का गठन किया। इस कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत और राज्य सरकार की 51 प्रतिशत है। इसका उद्देश्य राज्य में रोपवे परियोजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना और पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में नई संभावनाएं तैयार करना है। उत्तराखंड में फिलहाल दो महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाएं निर्माण प्रक्रिया में सबसे आगे हैं. इनमें पहली है- सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे और दूसरी- गोविंदघाट-घांघरिया-हेमकुंड साहिब रोपवे।

 

 

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
spot_img

Stay Connected

22,024FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

- Advertisement -spot_img