देहरादून। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के 78वें आरआर बैच के 84 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने भ्रमण के अंतर्गत जॉलीग्रांट स्थित राज्य आपदा प्रतिवादन बल मुख्यालय का दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य भावी पुलिस अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की जमीनी हकीकत, त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वित कार्यप्रणाली से अवगत कराना था। यह शैक्षणिक दौरा पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड श्री दीपम सेठ के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। दल का नेतृत्व अकादमी के उप निदेशक श्री अरविंद सुकुमार द्वारा किया गया। भ्रमण का उद्देश्य भावी पुलिस अधिकारियों को पर्वतीय एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराना था। राज्य आपदा प्रतिवादन बल कमांडेंट श्री अर्पण यदुवंशी ने अधिकारियों को राज्य आपदा प्रतिवादन बल की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक ढांचे तथा आपदा के समय अपनाई जाने वाली त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में राज्य आपदा प्रतिवादन बल, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के मध्य समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षु अधिकारियों को सिलक्यारा टनल रेस्क्यू, धराली एवं रेणी क्षेत्र में संचालित महत्वपूर्ण बचाव अभियानों की जानकारी भी दी गई। इन अभियानों के माध्यम से दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम तथा सीमित संसाधनों के बीच कार्य करने की चुनौतियों से उन्हें अवगत कराया गया। इस दौरान राज्य आपदा प्रतिवादन बल टीम द्वारा आधुनिक खोज एवं बचाव उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे अधिकारियों को आपदा प्रबंधन में उपयोग होने वाली नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही उत्तराखंड की कानून व्यवस्था, पुलिसिंग प्रणाली तथा आपदा के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। मालदीव, नेपाल व भूटान सहित प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिवादन बल मुख्यालय के भ्रमण से उन्हें आपदा प्रबंधन, त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों तथा आधुनिक उपकरणों के संचालन से जुड़ी अनेक नई जानकारियां प्राप्त हुईं। उन्होंने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें व्यावहारिक रूप से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह भ्रमण अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा प्रतिवादन बल की कार्यप्रणाली, आपदा के समय त्वरित निर्णय क्षमता, टीम समन्वय तथा आधुनिक उपकरणों के प्रभावी उपयोग को नजदीक से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से व्यवहारिक जानकारी प्राप्त होती है, जो प्रशिक्षण प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाती है।




