देहरादून 18 अप्रैल। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर शनिवार को बलभद्र खलंगा विकास समिति द्वारा युद्ध स्मारक नालापानी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खलंगा युद्ध स्मारक नालापानी एवं सहस्त्रधारा स्थित युद्ध स्मारक के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि लोकेश ओहरी (एंथ्रोपोलॉजिस्ट), समिति अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा, उपाध्यक्ष विनय गुरूंग सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। यह स्मारक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां 1814 के एंग्लो-गोरखा युद्ध में गोरखा सैनिकों ने अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन किया था।
अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा ने बताया कि वीर बलभद्र थापा के नेतृत्व में लगभग 600 गोरखा सैनिकों ने आधुनिक हथियारों से लैस 3000 से अधिक ब्रिटिश सैनिकों को तीन बार पराजित किया था। खलंगा युद्ध स्मारक गोरखा सैनिकों की वीरता और बलिदान का प्रतीक है, जिसे विजयी ब्रिटिश सेना ने उनके सम्मान में बनवाया था। वर्तमान में इस धरोहर का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि ने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि धरोहर संरक्षण के लिए ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। सचिव प्रभा शाह ने जानकारी दी कि समिति द्वारा वर्षों से स्मारकों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण हेतु निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं ने धरोहरों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी, पूर्व अध्यक्ष एवं अन्य सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




