नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने शहीद दिवस के अवसर पर, फरीदाबाद में “मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” पदयात्रा का नेतृत्व किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘मेरा युवा भारत’ पहल के तहत आयोजित इस पदयात्रा का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, एकता और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना था। केएल मेहता दयानंद कॉलेज से शहीद भगत सिंह चौक तक इस पदयात्रा में लगभग दस हजार युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के राज्य मंत्री (युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता, खेल) श्री गौरव गौतम; विधायक श्री धनेश अडलाखा; फरीदाबाद नगर निगम की महापौर श्रीमती प्रवीण जोशी; मेरा युवा भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला; फरीदाबाद के उपायुक्त श्री आयुष सिन्हा; फरीदाबाद नगर निगम की अपर आयुक्त श्रीमती सलोनी शर्मा, साथ ही जिला प्रशासन और मेरा युवा भारत के वरिष्ठ अधिकारी, आयोजक और स्वयंसेवक उपस्थित थे। श्रीमती खडसे ने इस अवसर पर कहा कि शहीद दिवस भारत के महान क्रांतिकारियों के बलिदानों को याद करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इतिहास में दृढ़ विश्वास रखने वाला राष्ट्र अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनता है। श्रीमती खडसे ने युवाओं से शहीदों के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए श्रीमती खडसे ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवा नागरिकों से अनुशासन, जिम्मेदारी और सेवा के मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। श्रीमती खडसे ने कहा कि ‘मेरा युवा भारत’ पहल युवाओं को फिटनेस, स्वच्छता अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का मंच प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि इस मंच पर 21 करोड़ से अधिक पंजीकृत युवा देश भर में आयोजित विभिन्न राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। श्रीमती खडसे ने फरीदाबाद में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल राष्ट्रीय विकास के प्रति युवा नागरिकों के बीच बढ़ती जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का प्रण लिया।




