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Saturday, March 7, 2026


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न्याय के लिये निकाला कैण्डिल मार्च

देहरादून। उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति, स्टूडैण्टस फैडरेशन आफ इण्डिया, सीआईटीयू , सीपीआई, माले , एआईएलयू , बीजीवीएस आदि संगठनों ने अंकिता व एनिन्ल चकमा को न्याय देने के लिऐ देर सांय गांधी पार्क से घण्टाघर स्व इन्द्रमणी बडोनी की प्रतिमा तक कैण्डिल मार्च निकाला। तथा भाजपा सरकार की दोहरी नीति की कडे़ शब्दों में निन्दा की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा है कि भाजपा की डबल नीतियों के कारण बलात्कारी खुलेआम घूम रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर हुए नस्लवादी और बर्बर हमले की उत्तराखंड का जनमानस कड़े शब्दों में निंदा करता है। इस‌ घटना व हमले से संपूर्ण उत्तराखण्ड की जनता स्तब्ध एवं व्यथित है। उन्होने कहा यह हमला न केवल एक छात्र की जान पर हमला है, बल्कि यह हमारे समाज में बढ़ती नस्लवादी, क्षेत्रवादी, मानसिकता, असहिष्णुता और छात्र-विरोधी माहौल को भी उजागर करता है। एंजेल चकमा पर सरेआम गाली -गलौज, नस्लीय अपमान और जानलेवा हमला यह साबित करता है कि उत्तराखण्ड राज्य में भी बाहरी और पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्रों की सुरक्षा गंभीर खतरे में है। यह अत्यंत शर्मनाक है कि शिक्षा के लिए आए छात्रों को अपनी पहचान के कारण हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। इस मसले पर वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य मजहबी, क्षेत्रवादी और नस्लवादी पहचान की राजनीति की चपेट में है। इस प्रकार की पहचान की राजनीति मानवीय मूल्यों को गौण कर रही है और पहचान की हिंसक संकीर्णता में छात्रों- युवाओं को धकेल रही है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर भारत में छोटी आंखों वाले व्यक्तियों को कुछ प्रतीकात्मक नामों जैसे कि चिंकी इत्यादि से बुलाया जाता हैमैं जो कि नस्लीय भेदभाव का प्रतीक है। इस प्रकार की टिप्पणियों का प्रचलन नहीं होना चाहिए। हम एक स्वर से मांग करता है कि इस मामले में शामिल सभी गिरफ्तार दोषियों के खिलाफ नस्लीय व हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए तथा इस हमले को नस्लवादी हिंसा मानते हुए विशेष धाराओं में मुकदमा चलाया जाए। उत्तराखंड में पढ़ रहे पूर्वोत्तर और अन्य बाहरी राज्यों के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रावासों, किराए के इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे।
वक्ताओं ने कहा भाजपा सरकार द्वारा अपराधियों को दिये जा रहे संरक्षण के चलते अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में न्याय आधा अधूरा है तथा अभी भी अपराधी सरकार के संरक्षण में तथा भाजपा में उच्च पदस्थ हैं। शुरू से ही दोनों मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय गलत बयानी तथा राजनैतिक वक्तब्य देकर अपराधियों को सरकार की मदद कर रही है। गांधी पार्क पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने बेनेजुयला की सम्प्रभुता पर अमेरिकी साम्राज्यवादी हमले की एक स्वर से निन्दा करते हुऐ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को बिना शर्त रिहा करने की मांग तथा बेनेजुयला की संघर्षशील जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित की तथा अमेरिकी नीतियों का कड़ा प्रतिकार किया।

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