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25 साल बाद भी नहीं बच सके ठग

चमोली, 17 दिसंबर। आम जनता के सपनों और मेहनत की कमाई से खेल करने वालों के लिए चमोली पुलिस का स्पष्ट संदेश है- अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून से बचना नामुमकिन है। इसी कड़ी में वर्ष 2001 से फरार चल रहे ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ ठगी कांड के ईनामी एवं मफरूर अभियुक्त रविन्द्र मोहन को लगभग 25 वर्षों बाद चमोली पुलिस ने गिरफ्तार क लिया। यह मामला वर्ष 2001 का है, जब वादी शिव प्रसाद निवासी कालीमठ, जनपद रुद्रप्रयाग ने थाना गोपेश्वर में एक गंभीर धोखाधड़ी की तहरीर दी थी। अभियुक्त रविन्द्र मोहन पुत्र शेर सिंह राणा व उसके भाई राकेश मोहन, दोनों निवासी ग्राम जामू, थाना गुप्तकाशी, जनपद रुद्रप्रयाग ने वर्ष 1993 में “हिमगिरी प्लांटेशन” नामक कंपनी की स्थापना की थी। दोनों अभियुक्तों द्वारा लोगों को यह लालच दिया गया कि कंपनी में निवेश करने पर कम समय में पैसा दोगुना किया जाएगा तथा आकर्षक ब्याज भी दिया जाएगा। वर्ष 2001 में दोनों भाई जनता के लाखों रुपये लेकर रातों-रात फरार हो गए। उक्त गंभीर धोखाधड़ी के संबंध में थाना गोपेश्वर पर मुकदमा अपराध सख्या 268/2001 धारा 406/420 भादवि बनाम रविन्द्र मोहन एवं मुकदमा अपराध सख्या 269/2001 धारा 406/420 भादवि बनाम राकेश मोहन पंजीकृत किए गए। माननीय न्यायालय द्वारा दोनों अभियुक्तों को मफरूर घोषित किया गया, जिसके उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चमोली द्वारा उनके विरुद्ध स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार द्वारा पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे मफरूर/वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के अंतर्गत, समय-समय पर क्राइम मीटिंग्स में ऐसे पुराने एवं संगीन मामलों की थानावार समीक्षा कर अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। इन्हीं निर्देशों के क्रम में फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु 5000/- का ईनाम घोषित किया गया था। ईनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा नवीन तकनीकों, तकनीकी विश्लेषण, विभिन्न प्रपत्रों, देशव्यापी रिकॉर्ड्स के माध्यम से अभियुक्त की व्यापक स्तर पर ढूंढखोज की गई। इस दौरान अभियुक्त से संबंधित दिल्ली का पता प्रकाश में आया, जिसकी तस्दीक हेतु दिल्ली एवं नोएडा में पुलिस टीम भेजी गई। जांच में यह जानकारी सामने आई कि अभियुक्त किसी निजी आयोजन के लिए अपने गृह क्षेत्र की ओर आ रहा है। इस इनपुट पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त का लगातार पीछा करते हुए रणनीतिक जाल बिछाया गया और अंततः अभियुक्त रविन्द्र मोहन को फाटा, जनपद रुद्रप्रयाग से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं, इस प्रकरण में फरार चल रहे दूसरे मुख्य अभियुक्त राकेश मोहन की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा सघन अभियान जारी है, जिसे भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक चमोली, सुरजीत सिंह पँवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “संगठित वित्तीय अपराधों में लिप्त होकर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चमोली पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अपराधी चाहे कितने भी वर्षों तक फरार क्यों न रहा हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।”

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