देहरादून। सभी मलिन एवं कच्ची बस्तीवासियों को मालिकाना हक दिये जाने सहित विभिन्न मांगो को लेकर बस्ती बचाओ आन्दोलन की और से आज मेयर निगम को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बस्ती बचाओ आन्दोलन ने कहा मलिन बस्तीवासियों को एलिबेटेड रोड़ परियोजना के नाम पर बेदखली बन्द की जानी चाहिये। ज्ञापन मे कहा गया की एलिबेटेड रोड़ के नाम पर जो सर्वे चल रहा है वह बेहद त्रुटिपूर्ण है, कई मकानों का नाप नहीं लिया गया तथा कई मकानों का सही नाप नहीं लिया गया आंगन, बरामदे व डबल स्टोरी का नाप छोड़ा जा रहा है। जो मकान आपदा में खत्म हो गये है, उन्हें नाप से बाहर कर दिया गया है। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों की संख्या जारी कर प्रभावितों के मन अनेक शंकाऐं पैदा कर दी हैं। इस सन्दर्भ में प्रभावितों द्वारा अनेक शिकायते उपजिलाधिकारी सदर से की गई है। ज्ञापन में कहा गया एलिबेटेड रोड़ पर प्रभावितों की भारी आपत्ति तथा एलिवेटेड रोड का मामला माननीय हाईकोर्ट नैनीताल में होने के बावजूद प्रशासन एलिबेटेड रोड़ स्वीकार करने के लिऐ निरन्तर दबाब बना रहा है,जबकि जनसुनववाई में लगभग सभी प्रभावितों ने एलिवेटेड रोड़ परियोजना का विरोध किया था। ज्ञापन में कहा गया की सरकारी, प्रभावशाली लोगों के कब्जों कि शिकायतें प्रशासन से किये जाने के बावजूद उन्हें छोडा़ जा रहा है। आज आपदा पीड़ितों के साथ हो रहे भेदभाव जगजाहिर है। आज अभी कई आपदा प्रभावितों का सर्वे तक नहीं हुआ है। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमण्डल में संयोजक अनन्त आकाश ,भगवन्त पयाल, रविन्द्र नौडियाल, अभिषेक भण्डारी, विप्लव अनन्त, हरीश कुमार आदि शामिल थे। ज्ञापन मेयर के नीजि सचिव ने लिया, उन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।




