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Monday, February 2, 2026


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जनता दर्शन में उमड़ी भीड़ः समाधान की आस में पहुंचे 1़9़0 फरियादी

देहरादून 03 फरवरी। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा से क्षतिपूर्ति सहायता, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 190 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनता दरबार में आज मानव पीड़ा, अन्याय और सामाजिक संवेदनहीनता की मार झेल रहे अनेक नागरिकों की करुण कहानियाँ सामने आईं। निराश्रित, असहाय एवं पीड़ित जनों ने अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 80 वर्षीय असहाय विधवा कांता देवी ने आंखों में आंसू लिए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके। दोनों पुत्रों ने उन्हें घर से बेघर कर दिया है। उनकी स्वयं की भूमि पर उन्हें झोपड़ी तक बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस गंभीर प्रकरण में एसडीएम सदर को भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डोईवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विधवा कमला देवी तथा चंद्रबनी निवासी विधवा पुष्पा देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा मारपीट कर घर से निकाल देने और उनकी संपत्ति अपने नाम करने की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में भी भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए। कांवली निवासी उमा देवी ने अपने पति एवं ससुराल पक्ष पर संपत्ति के अधिकार से वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए अपने बच्चों के नाम संपत्ति दर्ज कराने की मांग रखी, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्राइवेट अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने के पश्चात संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन उनकी स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है और इस दुःख की घड़ी में परिजनों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। डोईवाला निवासी 56 वर्षीय विधवा सुनीता देवी अपनी छोटी बालिका के साथ जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कैंसर पीड़ित पति के इलाज हेतु उन्होंने डोईवाला में स्थित एक बीघा भूमि विक्रय की थी, किंतु पति की मृत्यु के उपरांत संबंधित व्यक्ति ने उनकी सम्पूर्ण भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। इस प्रकरण में एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच कर पीड़िता को भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए। उददीवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विक्रम सिंह ने पैतृक निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, वहीं भाऊवाला निवासी दिलवर सिंह ने अपनी निजी भूमि से कब्जा हटवाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत भीतरली में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सहस्रधारा निवासी विकास कुमार ने पारिवारिक आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए अपने बच्चे की विद्यालय फीस माफ कराने की विनम्र अपील की, जिस पर संबंधित विभाग को आवश्यक परीक्षण कर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए। जनता दरबार के दौरान कोटि कनासर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की चारदीवारी, जोथीं क्षेत्र में पुलिया की मरम्मत तथा अतिवृष्टि के कारण आवासीय भवनों के नीचे सुरक्षात्मक कार्य न किए जाने की शिकायतें प्रस्तुत की गईं। उक्त मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारी को स्थलीय जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। लालतप्पड़ माजरीग्रांट निवासी प्यारेलाल द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-07 में अधिग्रहित भूमि एवं भवन का वर्तमान सर्किल दर के अनुसार मुआवजा दिए जाने की मांग रखी गई, जिस पर संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीएल रोड चौक से नालापानी रोड, रिस्पना तक सड़क किनारे नालियों में बजरी एवं कीचड़ जमा होने के कारण सड़क पर गंदा पानी भरने, आवासीय भवनों की दीवारों में सीलन तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में डोरन खास, सहस्रधारा रोड स्थित शिवाया एन्क्लेव सोसाइटी में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को जांच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, डीपीओ जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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